Friday, 5 April 2019

मन ल मोहे चले आबे (करमा)


B - चले आबे चले आबे चले आबे ओ ss मोर रानी
      तार देहे मन ल मोहे चले आबे ओ, मन लगाके करमा नाचे आबे न
      तार देहे ....
G - चले आहूं चले आहूं चले आहूं गा ss मोर राजा
      तार देहे मन ल मोहे चले आहूं गा, मन लगाके करमा नाचे आहूं न
      तार देहे ....
      हाथ में संवरेगी तंय ह गोदना गोदाले।
      मांगे म सेंदुर गोड़ म माहुर रचाले।
      आरो मोर लेके गोरी,  झिन कोनो देखें 2
      कलेचुप तंय ह मोहिनी दौड़े आबे ओ मोर रानी
      तेरस लेवत डाहर जोहे आबे ओ
      तार देहे ....
   
      नरवा के तीरे सुग्घर चलथे पुरवाही।
      छम छम बजाके पैरी आबे मोर दीवानी।
      मन के डोरी खींचे बही, मया रस पीके 2
      बिहना संझाती कस खेले आबे ओ मोर रानी
      तार देहे ....

G - तंय मोर मयारु चल न करमा गड़ाहू।
      जनम जनम के तोला ज़िन्दगी बनाहूं।
      नजर दिन लागे बइहा, मया झिन छुटे 2
      भांवर किंजर के घर में तोरे आहूं ग मोर राजा
       तार देहे ...
B - चले आबे ...तार देहे ..
G - चले आहूं ...तार देहे ..
B - तार देहे मन ल मोहे चले आबे ओ
      मन लगाके करमा नाचे आबे न

G - तार देहे मन ल मोहे चले आहूं गा
      मन लगाके करमा नाचे आहूं न

     गीतकार - तेरस कैवर्त्य 'ऑसू'
     शिक्षक, सोनाडुला (बिलाईगढ़)
     जिला - बलौदाबाजार (छ.ग.)