B - चले आबे चले आबे चले आबे ओ ss मोर रानी
तार देहे मन ल मोहे चले आबे ओ, मन लगाके करमा नाचे आबे न
तार देहे ....
G - चले आहूं चले आहूं चले आहूं गा ss मोर राजा
तार देहे मन ल मोहे चले आहूं गा, मन लगाके करमा नाचे आहूं न
तार देहे ....
हाथ में संवरेगी तंय ह गोदना गोदाले।
मांगे म सेंदुर गोड़ म माहुर रचाले।
आरो मोर लेके गोरी, झिन कोनो देखें 2
कलेचुप तंय ह मोहिनी दौड़े आबे ओ मोर रानी
तेरस लेवत डाहर जोहे आबे ओ
तार देहे ....
नरवा के तीरे सुग्घर चलथे पुरवाही।
छम छम बजाके पैरी आबे मोर दीवानी।
मन के डोरी खींचे बही, मया रस पीके 2
बिहना संझाती कस खेले आबे ओ मोर रानी
तार देहे ....
G - तंय मोर मयारु चल न करमा गड़ाहू।
जनम जनम के तोला ज़िन्दगी बनाहूं।
नजर दिन लागे बइहा, मया झिन छुटे 2
भांवर किंजर के घर में तोरे आहूं ग मोर राजा
तार देहे ...
B - चले आबे ...तार देहे ..
G - चले आहूं ...तार देहे ..
B - तार देहे मन ल मोहे चले आबे ओ
मन लगाके करमा नाचे आबे न
G - तार देहे मन ल मोहे चले आहूं गा
मन लगाके करमा नाचे आहूं न
गीतकार - तेरस कैवर्त्य 'ऑसू'
शिक्षक, सोनाडुला (बिलाईगढ़)
जिला - बलौदाबाजार (छ.ग.)