तेरस राम कैवर्त्य "आंसू " मो.- 9165720460
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Tuesday, 26 September 2023
छत्तीसगढ़ पौराणिक कथाएं (दोहा छंद)
गणेश देवता (कुण्डलियाँ)
Saturday, 9 September 2023
तीजा पोरा (दोहा)
Saturday, 19 August 2023
राखी तिहार (छप्पय छंद)
Friday, 3 March 2023
मोह दारे रानी रे
लड़का -
तोर मीठ बोली मोला, मोह दारे रानी रे - 2
अइसे काय जादू दारे, दिल म तँय दीवानी रे।
पतली कमरिया मटकाई देहे न।
रेंगते रेंगत अखियाई देहे न ss
कइसे पीया दारे मया के तँय ह पानी रे।
लड़की -
जेती देखेव तेहिच नजर, आथस राजा रे - 2
मन मोर चुरत हावे, तीर म तँय आजा रे।
छिप छिप के मोला तँय देखे न।
डाहर गली जब जब भेटे गा ss
बाली उमर मोर हावव फूल ताजा रे।
लड़का-
चंदा कस तोर सुरतिया, अँजोरी संगी बताथे ओ।
ओठ म लाली माथ के बिंदिया, अब्बड़ नीक सुहाथे ओ।
मुचमुच ले तोर हँसना, जिवरा ल बड़ धड़काथे ओ।
सुरता म नींद नइ आवय, रतिया रतिया जगाथे ओ।
बोली बचन सुन ले, अब मोला चुन ले।
बसे हस अंतस म, समाये नश नश म।
गोल गोल दिखय गाल , हो गय हस मुटियारी रे।
लड़की-
करथस का बिक्कट मया, मोर घर सगा ले आजा गा।
दाई ददा ल मनाई लेबे, लाबे बराती संग बाजा गा।
मड़वा म भाँवर परा ले, हो जाहू तोरेच चिन्हारी रे।
जनम भर आधार बन धनी, मँय तोर मया के नारी रे।
कभू झिन तँय भूलाबे, कभू झिन तँय रोआबे।
जिनगी हे तोर बस म, हिरदे म भर ते रसना।
पिरीत के बाँध ले डोर, नहीं छोड़व सच वादा रे।
जेती देखेव तहिच नजर, आथस राजा रे।
मन मोर चुरत हावय, तीर म तँय आजा रे।
लड़का -
तोर मीठ बोली मोला, मोह दारे रानी रे।
अइसे काय जादू दारे, दिल म तँय दीवानी रे।
लड़की - जेती देखेव तहिच नजर, आथस राजा रे।
लड़का - तोर मीठ बोली मोला, मोह दारे रानी रे।
Thursday, 29 December 2022
दारू के कमाल
दारू भठ्ठी खोल के, नफा लेत सरकार।
गाँव गली में चोरहा, होवत हे मतवार।।
पथरा ढ़ेला बोह के, जतने रुपिया बाप।
बेटा होगे फेरहा, चुगली फेरत जाप।।
दारू बंदी हो जही, कहे बात हर बार।
राजनीति हे दोगली, मुखिया हे सरदार।।
घर - घर झगरा माच गे, दारू में दिन रात।
कतको अलहन होत हे, पी के दारू मात।।
कोनो ककरो नी सुने, कुकरी दारू पात।
होनी कछु जब हो जही, बइठे ढ़नढ़न गात।।
रचनाकार -
तेरस कैवर्त्य "आँसू"
सोनाडुला (बिलाईगढ़)
जिला - सारंगढ़ - बिलाईगढ़ (छ.ग.)