Friday, 8 January 2021

दोहा (शपथ))

शपथ करो तुम आज से, रख भारत की मान।

सदा तिरंगा सज रहे,  जाये चाहे जान।।

जाप शपथ से ही करें,  बोलो जय श्री राम।

मंदिर तो बन के रहे,  बने स्वर्ग का धाम।।

पेड़ लगाओ दुख हरे,  शपथ करो जन एक।

स्वच्छ रखो जल नभ जमीं, काम करो सब नेक।।

अनुज शपथ मन तन करो, नशा मुक्त रह आज।

नारी नर की तन बसे,  रखो धरा की लाज।।

मातु पिता पग पग बसे, बनते सुख के धाम।

भरे अग्नि देवा शपथ, सदा सुहागन दान।।


स्वरचित - तेरस कैवर्त्य "आँसू" सोनाडुला