Tuesday, 25 October 2016

** दीवाली ** (देवारी)

Created by :- Teras Kaiwartya (Aansu)
Date : 15/10/2016, Diwali (देवारी)
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     सुन संगवारी करव तियारी।
     जुरमिल तिहार मनाबो देवारी।

     खोहार होगय जर के सोन के लंका।
     रावण कुल के नाश करीस रघुराई ।
     एकरे सुरता म मनाथे सबो दशहरा।
     सत के जीत होइस असत ल हराई।

     झारव-झारव , पोछव-पोछव जी।
     कुरिया मन के , अउ मुँह दुवारी।
     आनी बानी मीठ , रंग लिपाबोन।
     आगे हमर ये , अब सुग्घर देवारी।

     आइस लहुट बनवासी , राम रतन।
     मेटा दीन बैरता , गरब के अंधियारी।
     बनाबोन आयोध्या , काया नगरी ल।
     सुनता के दीया जला , करबो उजियारी।
 
     सत के मिठाई , गोठ बाँहटव भाई।
     जोरिया के रहव , झिन करव लबारी।
     सिरजा लीन अंतस, अपन मया पिरीत के।
     तभे रमही घर म , लछ्मी महतारी।

     जोहार करबोन , महादेवा पार्वती के।
     लइका कुटुंब जम्मो , संग सजा के थारी।
     हमरो रक्छा करव , पहरा देवा गोवर्धन।
     जगाव सुख के बिरवां , पोछव आँसू के पानी।

     किसम-किसम के , फूलझरी फटाका
     गली खोल होवय , रथिया अंजोर भारी।
     जुगूर- बुगूर दीया बार, गाँव सरग बनाबोन।
     रंग-रंग नवा कपड़ा संग , फूलय फूलवारी।

     सुन संगवारी करव तियारी।
     जुरमिल तिहार मनाबो देवारी।

         रचना :- तेरस कैवर्त्य *आँसू *
                  सोनाडुला, (बिलाईगढ़)
       जिला - बलौदाबाजार - भाटापारा (छ.ग.)
      मोबाइल - 9165720460, 7770989795

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