Created by:- Teras Kaiwartya(Aansu)
Date : 10/10/2017 (छत्तीसगढ़ी गीत)
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ल. - नइ निहारे काबर ओ निर्मोही !
लहुट के चिटकन मोला नइ निहारे काबर न।
नइ निमारे काबर ओ निर्मोही !
गोटी माटी के संग ल नइ निमारे काबर न।
गुरतुर बोली ठिठोली, खेले आँखी मुंदवली - 2
मुसकाई के मंधरस ढ़ारे काबर ओ sss
नइ निहारे काबर न ...
नइ निहारे काबर ओ निर्मोही
लहुट के चिटकन मोला नइ निहारे काबर न - 2
ल.- नइ निहारे काबर गा जोही तंय !
लहुट के चिटकन मोला नइ निहारे काबर न।
नइ निमारे काबर गा जोही तंय !
गोटी माटी के संग ल नइ निमारे काबर न।
कइसे नजर लगाये, अइसे बान चलाये - 2
तोला देखे बिना मन नइ भाये काबर न।
नइ निहारे काबर न....
नइ निहारे काबर ....
ल.- अंतस म मया के बिजहा, बोयें तंय मयारु मोर -2
हांसी के पानी पलो के, करे तय चिन्हारी मोर - 2
हरियर पीका उलहाये, फेर नइ तो सिरजाये -2
बिरवां जगे जगाये ल मुरझाये काबर ओ sss
नइ निहारे काबर न...
नइ निमारे काबर ओ जोंही
गोटी माटी के संग ल नइ निमारे काबर न - 2
ल.- चंदा कस तोर सुरतिया, आँखी हावय जोगनी मोर -2
चमकत तोर सुघराई, राखे हावंव भीतरी मोर - 2
कचरा मोला बनाके, निचट मुंह ओरमा के - 2
बदरा म गंवा के मिंझारे काबर ओ sss
नइ निमारे काबर न...
नइ निहारे काबर ओ निर्मोही
लहुट के चिटकन मोला नइ निहारे काबर न -2
ल.-उबुक चुबुक होके जीथव, जिन्गी भर तोर सुरता म-2
जिया मोर चुरत रइथे, तोला नइ पाये के बिरथा म-2
होगेंव मुरदा बरोबर, सुरता म तोरेच बर -2
देखे बर नोहर कती लुकाये काबर ओ sss
नइ निहारे काबर न...
नइ निहारे काबर ओ निर्मोही
लहुट के चिटकन मोला नइ निहारे काबर न -2
नइ निमारे काबर ओ निर्मोही !
गोटी माटी के संग ल नइ निमारे काबर न - 2
लहुट के चिटकन मोला नइ निहारे काबर न...
गोटी माटी के संग ल नइ निमारे काबर न...
गीतकार - तेरस कैवर्त्य (आँसू )
सोनाडुला, (बिलाईगढ़)
जिला - बलौदाबाजार (छ.ग.)
मो. - 9165720460
Date : 10/10/2017 (छत्तीसगढ़ी गीत)
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ल. - नइ निहारे काबर ओ निर्मोही !
लहुट के चिटकन मोला नइ निहारे काबर न।
नइ निमारे काबर ओ निर्मोही !
गोटी माटी के संग ल नइ निमारे काबर न।
गुरतुर बोली ठिठोली, खेले आँखी मुंदवली - 2
मुसकाई के मंधरस ढ़ारे काबर ओ sss
नइ निहारे काबर न ...
नइ निहारे काबर ओ निर्मोही
लहुट के चिटकन मोला नइ निहारे काबर न - 2
ल.- नइ निहारे काबर गा जोही तंय !
लहुट के चिटकन मोला नइ निहारे काबर न।
नइ निमारे काबर गा जोही तंय !
गोटी माटी के संग ल नइ निमारे काबर न।
कइसे नजर लगाये, अइसे बान चलाये - 2
तोला देखे बिना मन नइ भाये काबर न।
नइ निहारे काबर न....
नइ निहारे काबर ....
ल.- अंतस म मया के बिजहा, बोयें तंय मयारु मोर -2
हांसी के पानी पलो के, करे तय चिन्हारी मोर - 2
हरियर पीका उलहाये, फेर नइ तो सिरजाये -2
बिरवां जगे जगाये ल मुरझाये काबर ओ sss
नइ निहारे काबर न...
नइ निमारे काबर ओ जोंही
गोटी माटी के संग ल नइ निमारे काबर न - 2
ल.- चंदा कस तोर सुरतिया, आँखी हावय जोगनी मोर -2
चमकत तोर सुघराई, राखे हावंव भीतरी मोर - 2
कचरा मोला बनाके, निचट मुंह ओरमा के - 2
बदरा म गंवा के मिंझारे काबर ओ sss
नइ निमारे काबर न...
नइ निहारे काबर ओ निर्मोही
लहुट के चिटकन मोला नइ निहारे काबर न -2
ल.-उबुक चुबुक होके जीथव, जिन्गी भर तोर सुरता म-2
जिया मोर चुरत रइथे, तोला नइ पाये के बिरथा म-2
होगेंव मुरदा बरोबर, सुरता म तोरेच बर -2
देखे बर नोहर कती लुकाये काबर ओ sss
नइ निहारे काबर न...
नइ निहारे काबर ओ निर्मोही
लहुट के चिटकन मोला नइ निहारे काबर न -2
नइ निमारे काबर ओ निर्मोही !
गोटी माटी के संग ल नइ निमारे काबर न - 2
लहुट के चिटकन मोला नइ निहारे काबर न...
गोटी माटी के संग ल नइ निमारे काबर न...
गीतकार - तेरस कैवर्त्य (आँसू )
सोनाडुला, (बिलाईगढ़)
जिला - बलौदाबाजार (छ.ग.)
मो. - 9165720460
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