Thursday, 26 October 2017

* नइ निहारे काबर ओ *

Created by:- Teras Kaiwartya(Aansu)
Date : 10/10/2017 (छत्तीसगढ़ी गीत)
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ल. - नइ निहारे काबर ओ निर्मोही !
       लहुट के चिटकन मोला नइ निहारे काबर न।
       नइ निमारे काबर ओ निर्मोही !
       गोटी माटी के संग ल नइ निमारे काबर न।
       गुरतुर बोली ठिठोली, खेले आँखी मुंदवली - 2
       मुसकाई के मंधरस ढ़ारे काबर ओ sss
       नइ निहारे काबर न ...
       नइ निहारे काबर ओ निर्मोही
       लहुट के चिटकन मोला नइ निहारे काबर न - 2
ल.-  नइ निहारे काबर गा जोही तंय !
       लहुट के चिटकन मोला नइ निहारे काबर न।
       नइ निमारे काबर गा जोही तंय !
       गोटी माटी के संग ल नइ निमारे काबर न।
       कइसे नजर लगाये, अइसे बान चलाये - 2
       तोला देखे बिना मन नइ भाये काबर न।
       नइ निहारे काबर न....
       नइ निहारे काबर ....
ल.- अंतस म मया के बिजहा, बोयें तंय मयारु मोर -2
      हांसी के पानी पलो के, करे तय चिन्हारी मोर - 2
      हरियर पीका उलहाये, फेर नइ तो सिरजाये -2
      बिरवां जगे जगाये ल मुरझाये काबर ओ sss
      नइ निहारे काबर न...
      नइ निमारे काबर ओ जोंही
      गोटी माटी के संग ल नइ निमारे काबर न - 2
ल.- चंदा कस तोर सुरतिया, आँखी हावय जोगनी मोर -2
      चमकत तोर सुघराई, राखे हावंव भीतरी मोर - 2
      कचरा मोला बनाके, निचट मुंह ओरमा के - 2
      बदरा म गंवा के मिंझारे काबर ओ sss
      नइ निमारे काबर न...
      नइ निहारे काबर ओ निर्मोही
      लहुट के चिटकन मोला नइ निहारे काबर न -2
ल.-उबुक चुबुक होके जीथव, जिन्गी भर तोर सुरता म-2
    जिया मोर चुरत रइथे, तोला नइ पाये के बिरथा म-2
    होगेंव मुरदा बरोबर, सुरता म तोरेच बर -2
    देखे बर नोहर कती लुकाये काबर ओ sss
    नइ निहारे काबर न...
    नइ निहारे काबर ओ निर्मोही
    लहुट के चिटकन मोला नइ निहारे काबर न -2
    नइ निमारे काबर ओ निर्मोही !
    गोटी माटी के संग ल नइ निमारे काबर न - 2
    लहुट के चिटकन मोला नइ निहारे काबर न...
    गोटी माटी के संग ल नइ निमारे काबर न...


     गीतकार - तेरस कैवर्त्य (आँसू )
         सोनाडुला, (बिलाईगढ़)
    जिला - बलौदाबाजार (छ.ग.)
      मो. - 9165720460



   



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