Wednesday, 28 November 2018

चुनाव संग्राम

Created by - Teras Kaiwartya (Aansu)
Date - 30/10/2013

देश की लोकतंत्र में, जब - जब आता है मतदान।
गाँव - गाँव शहर - शहर में, चलती चुनाव संग्राम।
तरह - तरह के लुभावनी, सभा मे करते भाषण।
बच्चे बुढ़े युवा के बीच, बाँटे अपना बेनर ज्ञापन।
गली - गली चौक चौराहे, घुमे भोपू डीजे बजाते।
जन - जन को रिझाने, अपना कई घोषणा गिनाते।
साड़ी कंबल रुपया देते, मतभेद कराते बाप बेटे पर।
माहौल सजे त्यौहार सा, भोज मांस मदिरा बौछार कर।
सियासत के खातिर प्रत्याशी, कूदे चुनाव संग्राम पर।
एक दूजे के पोल खोलते, लगे बुराइयों की वार कर।
करेगी फैसला जनमत, किसके सिर पर होगा ताज।
जन का दुख दूर करेगा, पाँच बरस वह करेगा राज।

         रचना - तेरस कैवर्त्य (आँसू )
           सोनाडुला , (बिलाईगढ़)
        जिला - बलौदाबाजार (छ. ग.)
          मोबा. - 9165720460

Monday, 26 November 2018

मुझे क्या हो गया?

          "मुझे क्या हो गया ?"
जरा बता दो सच में मुझे ये क्या हो गया ?
दिल में बसा के तूझको तलबगार हो गया।

सुरत तेरी झुलते नजर मे, पास आके मुस्काते हो।
मीठी - मीठी नरम लबों से, महकती गुल खिलाते हो।
जेहन मे तु ही हर आलम मे।
क्या ये प्यार हो गया ?
जरा बता दो सच ...

अदाएँ तेरी कर के दीवाना, नाम तेरा ही रटता हूँ।
करवट बदलते रैना बीते, तड़प- तड़प के रहता हूँ।
भूख प्यास नहीं याद मे तेरी।
जाँ निसार हो गया।
जरा बता दो सच ...

लिखूँ पन्ने मे किसी पर, मुझे ना जाने तू ही लिखाती है।
औचक ही मेरी कलम से, तू ही कविता बन जाती है।
सात सुरों मे धुन सरगम से।
मिल के झंकार हो गया।
जरा बता दो सच ...

मुझे ये क्या हो गया?
मुझे ये क्या हो गया ?

रचना - तेरस कैवर्त्य (आँसू )
सोनाडुला , (बिलाईगढ़)
जिला - बलौदाबाजार (छ. ग.)

मेरी प्रिया

        " मेरी प्रिया "
यादें तेरी सदैव प्रेयसी
मेरे हृदय मे रमा है
हर मुस्कान अदाएँ तेरी
मेरे तन - मन में
अत्यंत उल्लास कर देती है।
एक जनम नही सात जनम नही,
जनम - जनम तक साथ जीयेंगे
हम दिलों की संगम
अनुराग खुशी भाव भर देती है।
शरीर दो पर एक जान है,
दो दिल के एक अरमान है
मेरे नाम की दीप दिल में
जला रखना दीवाली मे
मैं सरहद पर दीप जलाता हूँ
माँ की रखवाली मे,
भारत की गौरव को अपार कर देती है।
तुम रौनक मेरे घर की,
मेरे उदासीनता आभास कर
डूबते तिनका बहते आँसू को
जिंदगी जीने प्रीत से आधार कर देती है।
ओ मेरी प्रिया ओ मेरी प्रिया..

रचना - तेरस कैवर्त्य (आँसू )
सोनाडुला , (बिलाईगढ़)
जिला - बलौदाबाजार (छ. ग.)
मोबा. - 9165720460

दीवाली

             * दीवाली *
दीप जलाओ प्रीत जगाओ
दीवाली में ....
दया दृष्टि से स्वच्छ करें
तन - मन की घर द्वार।
अहं ईर्ष्या बुराई की कचरे
चुन - चुनकर निकाल।
शांति सहज की रंग
चढ़ा कर,
निर्मल सौम्य बनायें,
हवा महल उर दीवार को।
सुख समृद्धि छाये,
दीपों की माला जगमग चमके
घर गली हर दरबार में।
गाँव शहर है,
राम की आयोध्या नगरी
धन वर्षा में माँ लक्ष्मी
पूजन रुप समाई है।
नव परिधान मे
सजे बदन,
बाँटे प्रेम की भाव मिठाई है।
दीप जलाओ प्रीत जगाओ
दीवाली में .....

रचना - तेरस कैवर्त्य (आँसू )
सोनाडुला, (बिलाईगढ़)
जिला - बलौदाबाजार (छ. ग.)