Monday, 26 November 2018

मेरी प्रिया

        " मेरी प्रिया "
यादें तेरी सदैव प्रेयसी
मेरे हृदय मे रमा है
हर मुस्कान अदाएँ तेरी
मेरे तन - मन में
अत्यंत उल्लास कर देती है।
एक जनम नही सात जनम नही,
जनम - जनम तक साथ जीयेंगे
हम दिलों की संगम
अनुराग खुशी भाव भर देती है।
शरीर दो पर एक जान है,
दो दिल के एक अरमान है
मेरे नाम की दीप दिल में
जला रखना दीवाली मे
मैं सरहद पर दीप जलाता हूँ
माँ की रखवाली मे,
भारत की गौरव को अपार कर देती है।
तुम रौनक मेरे घर की,
मेरे उदासीनता आभास कर
डूबते तिनका बहते आँसू को
जिंदगी जीने प्रीत से आधार कर देती है।
ओ मेरी प्रिया ओ मेरी प्रिया..

रचना - तेरस कैवर्त्य (आँसू )
सोनाडुला , (बिलाईगढ़)
जिला - बलौदाबाजार (छ. ग.)
मोबा. - 9165720460

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