Monday, 26 November 2018

दीवाली

             * दीवाली *
दीप जलाओ प्रीत जगाओ
दीवाली में ....
दया दृष्टि से स्वच्छ करें
तन - मन की घर द्वार।
अहं ईर्ष्या बुराई की कचरे
चुन - चुनकर निकाल।
शांति सहज की रंग
चढ़ा कर,
निर्मल सौम्य बनायें,
हवा महल उर दीवार को।
सुख समृद्धि छाये,
दीपों की माला जगमग चमके
घर गली हर दरबार में।
गाँव शहर है,
राम की आयोध्या नगरी
धन वर्षा में माँ लक्ष्मी
पूजन रुप समाई है।
नव परिधान मे
सजे बदन,
बाँटे प्रेम की भाव मिठाई है।
दीप जलाओ प्रीत जगाओ
दीवाली में .....

रचना - तेरस कैवर्त्य (आँसू )
सोनाडुला, (बिलाईगढ़)
जिला - बलौदाबाजार (छ. ग.)


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