Thursday, 25 October 2018

सुहाग

Created :- Teras Kaiwartya (Aansu)
Date : 05/06/2005

    मुझे जीवन का साथी उपहार चाहिए।
    बस तेरा उम्र भर का सजन प्यार चाहिए।

    तेरे चरणों की धूल , सिंदूर बनते ,
    तेरे मधुर वाणी से , शहनाई बजते ।
    ना कोई डोली ना रंगोली
    तेरे बाहों की झूले का हार चाहिए।
    बस तेरा उम्र ........
    
    आहट कदम की फूल , कंगना खनके।
    मिलते नजर बिंदिया , मेरी माथ चमके ।
    ना ऊँचा महल , ना ही शहर
    दिल की झोपड़ी साँसों का तार चाहिए।
    बस तेरा उम्र .......

    सफर जिंदगी में सोलह , गहना सजते।
    सदा तेरी मेरी धड़कन , अटूट बंध के।
    मिल के जल में तारा , गंगा जमुना की धारा।
    मैं बहती नदी की नाव तुम पतवार चाहिए।
    बस तेरा उम्र ......

    मुझे जीवन का साथी श्रृंगार चाहिए।
    बस !तेरा उम्र भर का सजन प्यार चाहिए।

          रचना :- तेरस कैवर्त (आँसू)
           सोनाडुला ,(बिलाईगढ़)
         जिला - बलौदाबाजार (छ. ग.)
    

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