1) वन में ठूंठ~
कुल्हाड़ी की धार में
बैठी चिड़िया।
2) झील में चांद
प्रतीक आकाश की~
जूगनू तारें।
3) पक्षी का झुंड~
भूरी जमीन पर
दाने व जाल।
4) केले के पत्ते
चार कोने तरफ~
अंतिम यात्री।
5) बच्चों की टोली
संकरी द्वार पर~
चौखाट गिरी।
6) नन्ही मछली
बगुला की चोंच में~
आखिरी सांस।
7) घर विरान~
शाख में बन्दर व
मधु की छत्ता।
8) प्रेमी-प्रेमिका
सुनसान गली में~
ठंड की रात।
9) बिहड़रण्य~
फांसी पर लटके
प्रेमी युगल।
10) धुआं आरंभ
बाड़ा पास भठ्ठी में~
बिल्ली के बच्चे।
11) पेड़ की छांव
बीच चौराहे पर~
लाल सलाख।
रचना - तेरस कैवर्त्य 'आंसू '
सोनाडुला (बिलाईगढ़)
जिला - बलौदाबाजार-भाटापारा (छ. ग.)
मो.- 9165720460
कुल्हाड़ी की धार में
बैठी चिड़िया।
2) झील में चांद
प्रतीक आकाश की~
जूगनू तारें।
3) पक्षी का झुंड~
भूरी जमीन पर
दाने व जाल।
4) केले के पत्ते
चार कोने तरफ~
अंतिम यात्री।
5) बच्चों की टोली
संकरी द्वार पर~
चौखाट गिरी।
6) नन्ही मछली
बगुला की चोंच में~
आखिरी सांस।
7) घर विरान~
शाख में बन्दर व
मधु की छत्ता।
8) प्रेमी-प्रेमिका
सुनसान गली में~
ठंड की रात।
9) बिहड़रण्य~
फांसी पर लटके
प्रेमी युगल।
10) धुआं आरंभ
बाड़ा पास भठ्ठी में~
बिल्ली के बच्चे।
11) पेड़ की छांव
बीच चौराहे पर~
लाल सलाख।
रचना - तेरस कैवर्त्य 'आंसू '
सोनाडुला (बिलाईगढ़)
जिला - बलौदाबाजार-भाटापारा (छ. ग.)
मो.- 9165720460
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