Saturday, 31 December 2016

** मया के छुटई **

Created - Teras Kaiwartya(Aansu)
Date - 18/10/2016 * मया के छुटई *
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    मया म का धराय , मया म पीरा लुकाय हे।
    जेन मया करीस , ओकर मति छरियाय हे।

    सुरता म गती दूनो के , बिगड़े हे संगवारी।
    देखे बर मन तरसे , नइ सुहावय खेती बारी।
    घर के एको मइनसे , मया धुन गम पाय हे।
    न भूख पियास लागे , लकरी सही सुखाय हे।
    
    मया अंधवा होथे , कोनो आंखी म नइ दिखे।
    सुरता दिन भर करके , पाती मया बर लिखे।
    ऐती ओती ल ताकय , पढ़ई ल भूलाय हे।
    देहे बर शोर संदेश , लइका घलो पटाय हे।

    उदिम जादा होगे , रंच रंच गोठ बगरय।
    घर के सियान गुने , बदनामी बर हदरय।
    तरी तरी सगा , टूरी संग बिहा सोरियाय हे।
    फेर समाज के बंधना म , किटकिट ले छंदाय हे।

    खपो दारिन सफ्फा, सगा कहे बने दहेजी दिहा।
    लगन घड़ी नइये तभो , करे चट मंगनी पट बिहा।
    चिंहारी करके मयारु ल, जिन्गी भर रोवाय हे।
    बिछुरे मोर मयारु कइके, 'आँसू ' बड़ बोहाय हे।

    
         रचना - तेरस कैवर्त्य (आँसू )
                 सोनाडुला , (बिलाईगढ़)
     जिला - बलौदाबाजार - भा.पा. (छ.ग.)
                  पिन - 493338
   मोबाइल नं.- 9165720460, 7770989795


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