Created by- Teras Kaiwartya (Aansu)
Date :- 18/12/2016
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
देश दुनिया ल तैं बैरी, नंगत काबर डरवाथस।
चिटकन पीरा नइ लागे, नइ रंच भर पछताथस।
तहुंच मनखे हावस फेर, मनखे ल काबर लुकाथस।
काय मिलथे कसई बनके, अउ करले शरम लाज।
वाह रे ! आतंकवाद ।
बंदूक बारुद ल खेल बनाके, जगा जगा बम फटोथस।
छाती ल कठवा पथरा बनाके, जनऊर बानी गुर्राथस।
कतेक निकता मनखे के, अब्बड़ लहू बोहाथस।
निरदोष परिवार के घर, गिराये करलई के गाज।
वाह रे ! आतंकवाद ।
काकर बर तैं बूता करे, का तोर लइका के बन जाही।
गुनथस तैं जिंदा रबे, एक दिन पंछी तोर उड़ जाही।
फउजी के चपेटा म परबे, तोर तो कुटी-कुटी हो जाही।
गती नइ रहे मरे म तोर, खाही कूकुर कौआ तोर लाश।
वाह रे ! आतंकवाद ।
रचना - तेरस कैवर्त्य (आँसू )
सोनाडुला , (बिलाईगढ़)
जिला - बलौदाबाजार-भा.पा.(छ.ग.)
पिन - 493338,मो.- 9165720460
Date :- 18/12/2016
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
देश दुनिया ल तैं बैरी, नंगत काबर डरवाथस।
चिटकन पीरा नइ लागे, नइ रंच भर पछताथस।
तहुंच मनखे हावस फेर, मनखे ल काबर लुकाथस।
काय मिलथे कसई बनके, अउ करले शरम लाज।
वाह रे ! आतंकवाद ।
बंदूक बारुद ल खेल बनाके, जगा जगा बम फटोथस।
छाती ल कठवा पथरा बनाके, जनऊर बानी गुर्राथस।
कतेक निकता मनखे के, अब्बड़ लहू बोहाथस।
निरदोष परिवार के घर, गिराये करलई के गाज।
वाह रे ! आतंकवाद ।
काकर बर तैं बूता करे, का तोर लइका के बन जाही।
गुनथस तैं जिंदा रबे, एक दिन पंछी तोर उड़ जाही।
फउजी के चपेटा म परबे, तोर तो कुटी-कुटी हो जाही।
गती नइ रहे मरे म तोर, खाही कूकुर कौआ तोर लाश।
वाह रे ! आतंकवाद ।
रचना - तेरस कैवर्त्य (आँसू )
सोनाडुला , (बिलाईगढ़)
जिला - बलौदाबाजार-भा.पा.(छ.ग.)
पिन - 493338,मो.- 9165720460
No comments:
Post a Comment