Created by - Teras Kaiwartya (Aansu)
Date : 12/12/2016
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
भारत के जन हित सजे ,
सुख संगम बनाना है ।
गंगा यमुना जल की भाँति ,
निर्मल धारा बहाना है ।
मेरा भारत स्वच्छ बनाना है ।
सारे जग से उँचा उठाना है ।
कसम है अपनी माता की ,
दस पेड़ लगाओ भ्राता ।
जलन बुराई छोड़ हम सब ,
कर लें जतन की नाता ।
जागरुकता की श्रम अर्पण से ।
मेरा भारत मस्त बनाना है ।
मेरा भारत स्वच्छ बनाना है ।
सारे जग से उँचा उठाना है ।
वृक्ष जड़ें धरा पर जकड़े ,
होते नियंत्रण मृदा क्षरण ।
हरियाली छाती उपवन में ,
करते हैं जो विश्व भरण ।
मुक्त हो जाये घिरे विपदा से ।
बूँद -बूँद जल बचाना है ।
मेरा भारत स्वच्छ बनाना है ।
यह फर्ज हमें निभाना है ।
कोख मे भी पलती बिटिया ,
ये देख आश लगायें है ।
जीने की तमन्ना वतन में ,
पर संकट से घबरायें है ।
हंसी से खिलती वह पढ़ेगी ।
शौचालय घर में बनाना है ।
मेरा भारत स्वच्छ बनाना है ।
सबको यह लक्ष्य अपनाना है ।
ना ढ़ेर करो कचरों का ,
साफ रखें अपने आसपास ।
बनाकर गढ्ढे में ही डालें ,
बनायें उन्नत जैविक खाद ।
उपाय ऐसे कर जीवन से ।
महामारी को भगाना है ।
मेरा भारत स्वच्छ बनाना है ।
सारे जग से उँचा उठाना है ।
इसी में जन्में हम सब प्राणी ,
इस मिट्टी के सब खिलौने ।
इनको नही छेड़ो तोड़ो ,
ना बने गमों के बिछौने ।
महके पुष्प सुखमय वादी ।
ऐसा गुलशन यहीं सजाना है ।
मेरा भारत स्वच्छ बनाना है ।
सारे जग से उँचा उठाना है ।
मेरा भारत स्वस्थ बनाना है ।
अंबर में तिरंगा फहराना है ।
स्वरचित :- तेरस कैवर्त्य (आँसू )
सोनाडुला , (बिलाईगढ़)
जिला - बलौदाबाजार (छ. ग.)
मो. - 9165720460,
7770989795
Date : 12/12/2016
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
भारत के जन हित सजे ,
सुख संगम बनाना है ।
गंगा यमुना जल की भाँति ,
निर्मल धारा बहाना है ।
मेरा भारत स्वच्छ बनाना है ।
सारे जग से उँचा उठाना है ।
कसम है अपनी माता की ,
दस पेड़ लगाओ भ्राता ।
जलन बुराई छोड़ हम सब ,
कर लें जतन की नाता ।
जागरुकता की श्रम अर्पण से ।
मेरा भारत मस्त बनाना है ।
मेरा भारत स्वच्छ बनाना है ।
सारे जग से उँचा उठाना है ।
वृक्ष जड़ें धरा पर जकड़े ,
होते नियंत्रण मृदा क्षरण ।
हरियाली छाती उपवन में ,
करते हैं जो विश्व भरण ।
मुक्त हो जाये घिरे विपदा से ।
बूँद -बूँद जल बचाना है ।
मेरा भारत स्वच्छ बनाना है ।
यह फर्ज हमें निभाना है ।
कोख मे भी पलती बिटिया ,
ये देख आश लगायें है ।
जीने की तमन्ना वतन में ,
पर संकट से घबरायें है ।
हंसी से खिलती वह पढ़ेगी ।
शौचालय घर में बनाना है ।
मेरा भारत स्वच्छ बनाना है ।
सबको यह लक्ष्य अपनाना है ।
ना ढ़ेर करो कचरों का ,
साफ रखें अपने आसपास ।
बनाकर गढ्ढे में ही डालें ,
बनायें उन्नत जैविक खाद ।
उपाय ऐसे कर जीवन से ।
महामारी को भगाना है ।
मेरा भारत स्वच्छ बनाना है ।
सारे जग से उँचा उठाना है ।
इसी में जन्में हम सब प्राणी ,
इस मिट्टी के सब खिलौने ।
इनको नही छेड़ो तोड़ो ,
ना बने गमों के बिछौने ।
महके पुष्प सुखमय वादी ।
ऐसा गुलशन यहीं सजाना है ।
मेरा भारत स्वच्छ बनाना है ।
सारे जग से उँचा उठाना है ।
मेरा भारत स्वस्थ बनाना है ।
अंबर में तिरंगा फहराना है ।
स्वरचित :- तेरस कैवर्त्य (आँसू )
सोनाडुला , (बिलाईगढ़)
जिला - बलौदाबाजार (छ. ग.)
मो. - 9165720460,
7770989795
No comments:
Post a Comment