Created by - Teras Kaiwartya (Aansu)
Date : 25/05/2016
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
(1) कल्पना कर
भावविभोर शब्द
सजा सुलेख।
(2) पल कीमती
ना बितायें फिजूल
सवाल पर।
(3) रोशन कर
जल कर दीप सी
सहज ताप।
(4) जीवन पथ
चल हमसफर
कदम मिला।
(5) आदर भाव
तले कर कमल
सेवक बन।
(6) प्रकृति बचा
वृक्ष लगा पहल
जन सुझाव।
(7) संस्कृति साख
चल अमल कर
कर साकार।
(8) अशिक्षा सभी
समस्या का जड़
उखाड़ फेंक।
(9) पढ़ो पढ़ाओ
गढ़ विकास पथ
भारत देश।
(10) छुपती नही
झूठ की राज दोष
खुलती पोल।
(11) जमाना गोल
तारीफ ईमान की
सभी सताते।
(12) मन भटके
नशा पान में चूर
जान की नाश।
(13) भ्रामक फैला
अराजकता बाँट
नेता का चाल।
(14) घमण्ड तोड़
अंत सब शरीर
जरुर कल।
(15) पावन भूमि
है दक्षिण कोशल
शोभित वादी।
(16) महके फूल
कुटुम्ब की आँगन
बहे पवन।
(17) लघु आकार
दो सीमित संतान
सुखी आधार।
(18) तुरंत काम
कल पल न लौट
है फिर चूक।
(19) हौसला रख
लक्ष्य पूर्ण सफल
प्रेम लगन।
(20) मातृ पितृ है
जो बढ़कर देव
कोई न दूजा।
(21) जीवन काल
गृह वस्त्र भोजन
पुत पालन।
(22) नीर निर्मल
बचाव जीने योग
जन जीवन।
(23) गीत संगीत
सुकून मन भार
सुर मे ताल।
(24) कर सफाई
पूर्व मे शौच बाद
बीमार मुक्त ।
(25) अनेक रुप
सुता भगिनी माता
जोरु तमाम।
(26) मेरा वतन
धन्य उसे सलाम
वीर शहीद ।
(27) करके योग
प्रातः संध्या समय
बनें निरोग।
(28) तन अमूल्य
मिलकर रहना
मधुर बोल।
(29) ठंडी बढ़ती
सन्नाटा रात लेके
गरम वस्त्र ।
(30) भोर किरण
सुखदायक रहें
समस्त प्राणी ।
(31) सफर घड़ी
जीवन संघर्ष है
मेला की बेला।
स्वरचित - तेरस राम कैवर्त्य (आँसू )
सोनाडुला , (बिलाईगढ़)
जिला - बलौदाबाजार - भा. पा. (छ. ग.)
पिन - 493338
मो. - 9165720460, 7770989795
Date : 25/05/2016
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
(1) कल्पना कर
भावविभोर शब्द
सजा सुलेख।
(2) पल कीमती
ना बितायें फिजूल
सवाल पर।
(3) रोशन कर
जल कर दीप सी
सहज ताप।
(4) जीवन पथ
चल हमसफर
कदम मिला।
(5) आदर भाव
तले कर कमल
सेवक बन।
(6) प्रकृति बचा
वृक्ष लगा पहल
जन सुझाव।
(7) संस्कृति साख
चल अमल कर
कर साकार।
(8) अशिक्षा सभी
समस्या का जड़
उखाड़ फेंक।
(9) पढ़ो पढ़ाओ
गढ़ विकास पथ
भारत देश।
(10) छुपती नही
झूठ की राज दोष
खुलती पोल।
(11) जमाना गोल
तारीफ ईमान की
सभी सताते।
(12) मन भटके
नशा पान में चूर
जान की नाश।
(13) भ्रामक फैला
अराजकता बाँट
नेता का चाल।
(14) घमण्ड तोड़
अंत सब शरीर
जरुर कल।
(15) पावन भूमि
है दक्षिण कोशल
शोभित वादी।
(16) महके फूल
कुटुम्ब की आँगन
बहे पवन।
(17) लघु आकार
दो सीमित संतान
सुखी आधार।
(18) तुरंत काम
कल पल न लौट
है फिर चूक।
(19) हौसला रख
लक्ष्य पूर्ण सफल
प्रेम लगन।
(20) मातृ पितृ है
जो बढ़कर देव
कोई न दूजा।
(21) जीवन काल
गृह वस्त्र भोजन
पुत पालन।
(22) नीर निर्मल
बचाव जीने योग
जन जीवन।
(23) गीत संगीत
सुकून मन भार
सुर मे ताल।
(24) कर सफाई
पूर्व मे शौच बाद
बीमार मुक्त ।
(25) अनेक रुप
सुता भगिनी माता
जोरु तमाम।
(26) मेरा वतन
धन्य उसे सलाम
वीर शहीद ।
(27) करके योग
प्रातः संध्या समय
बनें निरोग।
(28) तन अमूल्य
मिलकर रहना
मधुर बोल।
(29) ठंडी बढ़ती
सन्नाटा रात लेके
गरम वस्त्र ।
(30) भोर किरण
सुखदायक रहें
समस्त प्राणी ।
(31) सफर घड़ी
जीवन संघर्ष है
मेला की बेला।
स्वरचित - तेरस राम कैवर्त्य (आँसू )
सोनाडुला , (बिलाईगढ़)
जिला - बलौदाबाजार - भा. पा. (छ. ग.)
पिन - 493338
मो. - 9165720460, 7770989795
No comments:
Post a Comment