आगिस भादो के महीना।
गिनावत थे जम्मो के महिमा।
सावन आइस हरेली लेके जटाधारी।
आगिस कमरछट कन्हैया के झुलानी।
धो मांज के बइला ल सजाबोन।
पूजा कर सांझी पोरा पटकाबोन।
भाँटो के देख अंतस अकुलागे।
तीजा ल बहिनी के लेनहार आगे।
निरजला उपास रहिथे करु भात खाके।
फरहार करे बर घेरी-बेरी बेरा ल ताके।
हमर लाज के रखइया हे गणराज।
घर गली चउक म करय बिराज।
कुँवार जोत जले गाबोन नवराति।
माता के भुवन सजे बिहान संझाती।
कांसी फूल गे चुंदी सादा लागे।
लगतथे अइसन बरखा बूढ़ागे।
धान के कोरा म पोटरी सिरजागे।
खुशी के "आँसू" आँखी म आगे।
तेरस कैवर्त्य "आँसू "
सोनाडुला,(बिलाईगढ़)
मोबा.- 9165720460
email - aansukai4545@gmail.com
गिनावत थे जम्मो के महिमा।
सावन आइस हरेली लेके जटाधारी।
आगिस कमरछट कन्हैया के झुलानी।
धो मांज के बइला ल सजाबोन।
पूजा कर सांझी पोरा पटकाबोन।
भाँटो के देख अंतस अकुलागे।
तीजा ल बहिनी के लेनहार आगे।
निरजला उपास रहिथे करु भात खाके।
फरहार करे बर घेरी-बेरी बेरा ल ताके।
हमर लाज के रखइया हे गणराज।
घर गली चउक म करय बिराज।
कुँवार जोत जले गाबोन नवराति।
माता के भुवन सजे बिहान संझाती।
कांसी फूल गे चुंदी सादा लागे।
लगतथे अइसन बरखा बूढ़ागे।
धान के कोरा म पोटरी सिरजागे।
खुशी के "आँसू" आँखी म आगे।
तेरस कैवर्त्य "आँसू "
सोनाडुला,(बिलाईगढ़)
मोबा.- 9165720460
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