Created:- TERAS KAIWARTYA(Aansu)
Date :- 18/07/2005 , * पीरा मया के *
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ये मन बिरथा,
तय हर भूला जा ओला रे।
काबर घेरी - बेरी सुरता ल करस।
ये करम फूटगे ,
बाचय नई अब तो चोला रे ।
भभके आगी अंगरा अंतस म जरस ।
तोर अंतस म पीरा भरे हे ,
सुध लगाये सब्बो बेरा म , हो ...
बैरी बना देहे मोला रे संगी ,
मुरछ चलय तोर डेरा म ,
कोन गोहराव काला बतावव - 2
ए आँसू के रोना रे ,
करलइ होवव करय नई कोनो ये तरस।
ये मन बिरथा ..................
सकलाये तय पांखी मयारु ,
मोर मोहनी ये हीरा रतन , हो ...
छोर के टाटी मन के मोरे ,
जोरे मया दूसरे के संग ,
जा निरमोही मया छोर के डोरी -2
सजे हवय तोर डोला रे ,
सुग्घर जीबे संगी बने जिंगी ल गढ़त ।
ये मन बिरथा ...................
रचनाकार :- तेरस कैवर्त्य (आँसू )
सोनाडुला , (बिलाईगढ़)
मोबाइल - 9165720460
7770989795
Date :- 18/07/2005 , * पीरा मया के *
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ये मन बिरथा,
तय हर भूला जा ओला रे।
काबर घेरी - बेरी सुरता ल करस।
ये करम फूटगे ,
बाचय नई अब तो चोला रे ।
भभके आगी अंगरा अंतस म जरस ।
तोर अंतस म पीरा भरे हे ,
सुध लगाये सब्बो बेरा म , हो ...
बैरी बना देहे मोला रे संगी ,
मुरछ चलय तोर डेरा म ,
कोन गोहराव काला बतावव - 2
ए आँसू के रोना रे ,
करलइ होवव करय नई कोनो ये तरस।
ये मन बिरथा ..................
सकलाये तय पांखी मयारु ,
मोर मोहनी ये हीरा रतन , हो ...
छोर के टाटी मन के मोरे ,
जोरे मया दूसरे के संग ,
जा निरमोही मया छोर के डोरी -2
सजे हवय तोर डोला रे ,
सुग्घर जीबे संगी बने जिंगी ल गढ़त ।
ये मन बिरथा ...................
रचनाकार :- तेरस कैवर्त्य (आँसू )
सोनाडुला , (बिलाईगढ़)
मोबाइल - 9165720460
7770989795
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