Created by :- Teras Kaiwartya (Aansu)
Date :- 10/05/1996, " Love of Mother "
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बड़ी अनमोल है , दुनिया में जिनकी है माँ ।
बढ़कर न मिलेगी , कहीं दूजा और कहाँ ?
चले गये कहीं टुकड़ा , जिगर का भी जहाँ ।
ब्याकुलता रह जाती , करती ममता की बयाँ ।
निद्रा न आये न भूख सताये , प्यारी है वह माँ ।
लौट न आये बेटा , ढूँढने लगी यहाँ - वहाँ ।
सीने से लगा के , बरसे ममता की घटा से ।
पिता भले डाटते , मगर सदा रहती बचाते ।
नव माह गर्भ से मुक्त , माँ गोद में खिलावे ।
तारा है प्यारा आँख का , स्तन रस पिलावे ।
प्रथम गुरु है माता , आदर संस्कार सिखावे ।
चुप कराने गाती लोरी , शीशू को जब सुलावे ।
पेट भरा न बेटा के , तब मुख में अन्न न जावे ।
खुद भूखी सोती पर , पुत्र को जलपान करावे ।
नहीं हैं जननी जिनकी , उन्हें बड़ा ही मलाल है ।
सारी सुख मिले पर भी , माँ बिना अंधकार है ।
स्वरचित :- तेरस कैवर्त्य (आँसू )
सोनाडुला , (बिलाईगढ़)
जिला :- बलौदाबाजार (छ.ग.)
पिन :- 493338
संपर्क सूत्र :- 9165720460
7770989795
Date :- 10/05/1996, " Love of Mother "
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बड़ी अनमोल है , दुनिया में जिनकी है माँ ।
बढ़कर न मिलेगी , कहीं दूजा और कहाँ ?
चले गये कहीं टुकड़ा , जिगर का भी जहाँ ।
ब्याकुलता रह जाती , करती ममता की बयाँ ।
निद्रा न आये न भूख सताये , प्यारी है वह माँ ।
लौट न आये बेटा , ढूँढने लगी यहाँ - वहाँ ।
सीने से लगा के , बरसे ममता की घटा से ।
पिता भले डाटते , मगर सदा रहती बचाते ।
नव माह गर्भ से मुक्त , माँ गोद में खिलावे ।
तारा है प्यारा आँख का , स्तन रस पिलावे ।
प्रथम गुरु है माता , आदर संस्कार सिखावे ।
चुप कराने गाती लोरी , शीशू को जब सुलावे ।
पेट भरा न बेटा के , तब मुख में अन्न न जावे ।
खुद भूखी सोती पर , पुत्र को जलपान करावे ।
नहीं हैं जननी जिनकी , उन्हें बड़ा ही मलाल है ।
सारी सुख मिले पर भी , माँ बिना अंधकार है ।
स्वरचित :- तेरस कैवर्त्य (आँसू )
सोनाडुला , (बिलाईगढ़)
जिला :- बलौदाबाजार (छ.ग.)
पिन :- 493338
संपर्क सूत्र :- 9165720460
7770989795
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