Monday, 10 September 2018

** आँखें **

Created by :- Teras Kaiwartya (Aansu)
Date : 03/02/2002     (Aankhen)
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      अनुपम उपहार है आँखें।
      औरों से प्यार में है आँखें।
      शरीर का श्रृंगार है आँखें।
      जग अंधकार है बिना आँखें।
      जीवन बेकार है बिना आँखें।
      मन की राहगीर है आँखें।
      निगाह सी तीर है आँखें।
      किस्मत की लकीर है आँखें।
      सारी अंग की वजीर है आँखें।
      देखने में बड़ी गंभीर है आँखे।
      अमूल्य नाजुक अंग है आँखें।
      कैसी बनावट ताजुब है आँखें ?

           रचना :- तेरस कैवर्त्य (आँसू )
               सोनाडुला , (बिलाईगढ़)
           जिला - बलौदाबाजार (छ. ग.)

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