Created by - Teras Kaiwarta (Aansu)
Date - 16/10/2004
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जब चले जायेंगे , याद करना मुझे।
रहो हंसते सदा , रो -रोकर ना रुठे।
अब तक तुम बीच हमसे शरारत हुई ,
बिगड़े शिकवे गिला या करामत हुई ।
जो हुआ सो मैं उनका गुनहगार हूँ ,
सजा पाने को मैं तो भी तैयार हूँ ।
भूल जाना मुझे , नाज करना मुझे।
जब चले जायेंगे , याद करना मुझे।
नाम लेने से मेरा , गला भर आयेंगे ,
सपने में आँख से ,आँसू बह जायेंगे।
संग छोड़ गयी , तुने इस साथी का ,
साथ ना रहे कोई , अब मुसाफिर का।
करुं विनय तुझे , दाग करना मुझे।
जब चले जायेंगे , याद करना मुझे।
हर महीने मे तेरह , तेरस आते रहेंगे ,
राग मेरे ऐ काश , गुनगुनाते रहेंगे।
उम्र ढल ही गयी , ये साँस संसार से ,
फासला हो चली ,अब घर परिवार से।
बीते कल चार पल , हाथ करना मुझे ।
चीता की शैय्या में , आग करना मुझे ।
जब चले जायेंगे , याद करना मुझे।
हों तो अंंतर्मन मे , राज करना मुझे ।
तेरस कैवर्त्य (आँसू )
सोनाडुला,(बिलाईगढ़ )
मो.- 9165720460