Created By - Teras Kaiwartya (Aansu)
Date - 05/10/2015
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करुण फलक पे गिले आँसू ,
Date - 05/10/2015
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करुण फलक पे गिले आँसू ,
पलक झपकते गिरे आँसू ।
पीड़ा बयाँ कर नीर नमकीन ,
रुदन स्वरमय ली गमगीन ।
ईश धरा पर अनन्य दीन ,
माँ या धन भार्या में लीन।।
राज संगम पर मिले आँसू ,
दु:ख अर्ध जब धूले आँसू ।
सहज ही क्यूं बहते नयन से ,
अपनों की जब हो गमन से।
दो बूँद की संबंध जनम से ,
लाल जोड़े या श्वेत कफन से।।
घुटन सह अब पीले आँसू ,
सिसकियां तक हिले आँसू ।
स्मरण सदा करो जन प्यारे ,
कर चलें फ़िदा हमें बे सहारे।
कामना फिर आना मध्य हमारे ,
नाम अमर कर लें जयकारे।।
स्मृति चिता संवार किये आँसू ,
विदा कर बहते अब दिये आँसू ।
तेरस कैवर्त्य (आँसू )
सोनाडुला , (बिलाईगढ़ )
मोबा.- 9165720460
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