Created by -Teras Kaiwartya (Aansu)
Date - 15/08/2000
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ये मेरे साथियों, ये मेरे भारतीयों।
इस मिट्टी को शत-शत नमन कर लो।
जरा सोच के, हौसला बुलंद कर लो।
अपना,अपना ही होता है, हर सब के लिए।
जान देना सीखो तुम, वतन के लिए।
निर्भय से संकट को,
देश द्रोही कलंक को दमन कर दो।
जरा सोच के, हौसला बुलंद कर लो।
दुश्मन अपने ही, मुल्क में डेरा करे।
जागो पहले तुम, जब ओ अंधेरा करे।
ना हटो तुम पीछे,
ना डरो खून छीटें, उसे खतम कर दो।
जरा सोच के, हौसला बुलंद कर लो।
कब तक सहते रहोगे, उनके जुल्में सितम।
बाँध के दौड़ो सिर पे, सब तुम भी कफन।
ना डरें बुढ़े बच्चे,
ना हिले पेड़ पत्ते, तन अर्पण कर दो।
जरा सोच के, हौसला बुलंद कर लो।
ये मेरे साथियों, ये मेरे भारतीयों।
इस मिट्टी को, शत-शत नमन कर लो।
जरा सोच के, हौसला बुलंद कर लो।
तेरस कैवर्त्य (आँसू )
सोनाडुला (बिलाईगढ़)
जिला - बलौदाबाजार-भा.पा.(छ.ग.)
मोबाइल - 9165720460
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