Created by - TERAS KAIWARTY (AANSU)
Date - 13/10/2015, •Prem Daman•
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यादें जिंदगी भर को मुझे गमी बना दिया।
किसी की बेवफ़ाई ने मुझे कवि बना दिया।
सहज ही नहीं लिख सकता था ऐसा अल्फाज।
चल पड़ी मेरी लेखनी गिरते जुदाई की गाज।
ऐसा मंजर ढ़ाया चमन पर तूफान आकर।
मेरे महकते वादी पर गिरे भूचाल आकर।
हँसती खिलती फूल में खुश्बू पास न आया।
मेरा सच्चा प्यार किसी को रास न आया।
चंद पल में सजाये मन मंदिर बर्बाद हो गया।
खुशी की सपना संजोये दाग-दाग हो गया ।
मेरे दिल पर बन गया था ओ महलताज।
शाहजहाँ रहा मैं वह थी मेरी मुमताज।
अब भी उस मुरत की दिल से पूजा करता हूँ।
गुंजते आवाज कानों में आसपास ढूढ़ा करता हूँ।
एक जनम तो क्या प्यार कभी नहीं मिटेगा।
सात जनम तो क्या जन्मों तक नहीं टुटेगा।
बस ! प्यार की रुसवाई मेरे कफ़न में जायेगी।
"आँसू " की सिसकियाँ सदा दफन हो जायेगी।
तेरस कैवर्त्य (आँसू )
सोनाडुला (बिलाईगढ़)
मोबाइल - 9165720460
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