मोर छत्तीसगढ़ सिरजे हय, भारत देश के छाती म।
रामसाय के वीर नारायण, जोहार सोनहा माटी ल।
सतरा सौ पन्चानबे म करे, जनम लेके चिन्हारी ग।
घोड़ा चढ़ खेलय दउड़य, तलवार संग चिंयारी ग।
कटकटात मंध डोंगरी म, कुर्रुपाट दुवार बसय।
सब्बो बिंझवार जाति, कुपाठ देव के पुजा करय।
1856 बेरा राज म पड़ीस, जबर दुखहा दुकाल ह।
माखन बनिया के अन्न बांटय, गरीब अउ किसान ल।
स्मिथ कुसवा बैरी जेल भेजे, वीर ल मान के चोर।
जेल तोड़ के भागिस वीर, होये नइ कोनो ल शोर।
पांच सौ सेना के संग अपन, बैरी ल धुर्रा चटवाय।
अपन ही देवरी के बहनोई, घर के भेदी लंका ढ़ाय।
1857 दस दिसम्बर रइपुर, चउक झूलय फांसी म।
राज के शान इमान जगाय, झूल गय हांसी हांसी म।
माटी पिरीतिया मनखे के, धर धर लहु आंसू बोहाये।
छत्तीसगढ़ महतारी के पहली, शहीद बेटा वीर कहाये।
बैरी मन बर वीर बघवा अउ, एरावत कस हाथी बनगे।
अंधरा अउ गरीब किसान के, डहर बताय लाठी बनगे।
जुग जुग बर सुरता के, तंय किताब अउ पाती बनगे।
सोनाखान वीर भुइयां के, अमर दीया के बाती बनगे।
स्वरचित :-
तेरस कैवर्त्य 'आंसू'
सोनाडुला, (बिलाईगढ़)
जिला - बलौदाबाजार-भाटापारा (छ.ग.)
916720460
email- aansukai4545@gmail.com
रामसाय के वीर नारायण, जोहार सोनहा माटी ल।
सतरा सौ पन्चानबे म करे, जनम लेके चिन्हारी ग।
घोड़ा चढ़ खेलय दउड़य, तलवार संग चिंयारी ग।
कटकटात मंध डोंगरी म, कुर्रुपाट दुवार बसय।
सब्बो बिंझवार जाति, कुपाठ देव के पुजा करय।
1856 बेरा राज म पड़ीस, जबर दुखहा दुकाल ह।
माखन बनिया के अन्न बांटय, गरीब अउ किसान ल।
स्मिथ कुसवा बैरी जेल भेजे, वीर ल मान के चोर।
जेल तोड़ के भागिस वीर, होये नइ कोनो ल शोर।
पांच सौ सेना के संग अपन, बैरी ल धुर्रा चटवाय।
अपन ही देवरी के बहनोई, घर के भेदी लंका ढ़ाय।
1857 दस दिसम्बर रइपुर, चउक झूलय फांसी म।
राज के शान इमान जगाय, झूल गय हांसी हांसी म।
माटी पिरीतिया मनखे के, धर धर लहु आंसू बोहाये।
छत्तीसगढ़ महतारी के पहली, शहीद बेटा वीर कहाये।
बैरी मन बर वीर बघवा अउ, एरावत कस हाथी बनगे।
अंधरा अउ गरीब किसान के, डहर बताय लाठी बनगे।
जुग जुग बर सुरता के, तंय किताब अउ पाती बनगे।
सोनाखान वीर भुइयां के, अमर दीया के बाती बनगे।
स्वरचित :-
तेरस कैवर्त्य 'आंसू'
सोनाडुला, (बिलाईगढ़)
जिला - बलौदाबाजार-भाटापारा (छ.ग.)
916720460
email- aansukai4545@gmail.com