Monday, 20 November 2017

*जान लेवा होगे*

Created by- Teras Kaiwartya(Aansu)
Date - 06/07/2017
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आनी बानी के सुख सुविधा ।
परगे करे ले अब्बड़ दुविधा ।
थोरकिन जांगर नइ चलाय।
निचट लघे फटफटी कुदाय।
सोर नीये चलाय के ढ़ेंसा गे ss
बहू बेटी बेवा होगे गा।
आज के चलन जान लेवा होगे न।

पान के पतरी सबो नंदागे।
जम्मो जगा प्लास्टिक छागे।
दूध दही घी नइ तो भावय।
कुकरी छेरी चबंदे खावय।
दारु घर म झगरा मचा के ss
अब पंच मेवा होगे गा।
आज के चलन जान लेवा होगे न।

बहू बिहाये चिक्कन चान्दो।
सास ससुर नाचय दहिकान्दो।
दाई ददा ल बेटा  गुर्राये।
बहू के तीर म गुड़ लपटाये।
नौ महीना ले पेट सिरजा के ss
महतारी बाप भेवा होगे गा।
आज के चलन जान लेवा होगे न।

साग भाजी धान भारी उपजे।
महुरा जहर दवई ल छीचय।
जेखर सेती बड़ बीमारी होथे।
दुख पीरा म बड़ घर भर रोथे।
बाचय जभे ईलाज करा के ss
डाक्टर बाबू देवा होगे गा।
आज के चलन जान लेवा होगे न।

गिन बिन कचरा करव सफाई।
रुख राई झिन तो करव कटाई ।
झिन कर गरब भइया नखरा।
बन जाही हमर बर खतरा।
प्रदूषण ल दूर करा ले ss
ये तो घर लेवा होगे गा।
आज के चलन जान लेवा होगे न।

     स्वरचित - तेरस कैवर्त्य (आँसू )
        सोनाडुला, (बिलाईगढ़)
   जिला - बलौदाबाजार (छ.ग.)
     मो. - 9165720460
            7770989795

Monday, 6 November 2017

" मोर छत्तीसगढ़ "

Created by :- Teras Kaiwartya(Aansu)
Date : 05/07/2015 *छत्तीसगढ़ी गीत* (पारंपरिक)
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B-मोर छत्तीसगढ़ मइयां।
    परथंव मंय तोरे पइयां।
    बासी के खवइया मइयां हो sssss
    सुग्घर बोली मीठ लागे न। होsss मइयां हो
    हरियर अँचरा नीक लागे न।
G- मोर छत्तीसगढ़ मइयां।
     परथंव मंय तोरे पइयां।
     बासी के खवइया मइयांं होssss
     सुग्घर बोली मीठ लागे न। हो ss मइयां हो
     हरियर अँचरा नीक लागे न।
B- सुवा पंथी करमा ददरिया, नाचा मन ल भावय ग।
    झांझ मंजीरा घुँघरु मांदर, संगे संग सुनावय ग ।
    नाचे कलगी मुड़ म खोंचे।
    गौरा गौरी मुड़ म बोहे।
    धोती कुरता म रउत नाचय sss
    पंडवानी के गवंइया। मइयां हो ss
    सुग्घर बोली मीठ लागे न। हो मइयां हो ss
    हरियर अँचरा नीक लागे न।
G-मेहनत मंजूरी खेती किसानी, जिन्गी भर ले करना हे।
    पोइल्का लुगरा ककनी बहुंटा, रंगे रंग के गहना हे।
    टोरे नहना चला के जांगर,।
    खांध तुतारी धरके नांगर।
    कुकरा बासत उठ के बिहना sss
    मुखारी के घसइया। मइयां हो ss
    सुग्घर बोली मीठ लागे न। हो मइयां हो ss
    हरियर अँचरा नीक लागे न।
B-नरवा नदीया डबरी तरिया, निरमल पानी बोहावथे।
    छत्तीसगढ़ के कोरा म, मोंगरा गोंदा महमहावथे।
    राम के शवरीन दाई जिहाँ।
    जगा जगा महामाई इहाँ।
    नदिया तीर तीर डोंगरी तीर तीर sss
    जन्मे नारायण वीर बिलासा। मइयां होss
    सुग्घर बोली मीठ लागे न। हो मइयां हो ss
    हरियर अँचरा नीक लागे न।
G- घासी बाबा जन्मे जिहाँ, मोर गिरौदपुरी धाम हे।
    सत के सादा धजा फहरे, बड़े देश के जैत खाम हे।
    यही माटी म कबीर कुटिया।
    अउ बिराजे बाबा बिरितिया।
    दया बरसे देश के भुइयाँ sss
    आँसू पोछत हावे कर्मा। मइयां हो ss
    सुग्घर बोली मीठ लागे ना। हो मइयां हो ss
    हरियर अँचरा नीक लागे न।
G-बरा ठेठरी खुरमी सोहांरी, गुरतुर पाग के अइरसा हे।
    चना मुर्रा लाडु चबनिया, चटनी संग पेज पसिया हे।
    भरे खजाना राज हमर म,।
    डोंगरी झाड़ी फबे डहर म।
    सिरजे हवय हीरा भाखा sss
    ढ़रथे मया अउ पिरीतिया।मइयां होss
    सुग्घर बोली मीठ लागे न। हो मइयां हो ss
    हरियर अंचरा नीक लागे न।
B- मोर छत्तीसगढ़ मइयां.. ....
G- मोर छत्तीसगढ़ मइयां ....

    गीतकार - तेरस राम कैवर्त्य (आँसू )
          सोनाडुला , (बिलाईगढ़)
      जिला - बलौदाबाजार (छ. ग.)
         मो.- 9165720460
                7770989795
  email : aansukai4545@gmail.com

Wednesday, 1 November 2017

* ददरिया *

Created by : Teras Kaiwartya (Aansu)
Date : 12/09/2016   * ददरिया *
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लड़की- देख तोला जियरा धक ले करथे ग
           अइसे काये जादू डारे तँय मोहना
           मन बैरी तुही ल खोजथे संगवारी।
           काये होगे मोला, तोला सुररथव
           दिन रथिया अउ पहतिया संगवारी ss
           कांसी फूलगे तंय ह झुमर जाबे ,
           नरवा के खड़ झूलना झूले बर आबे न।
लड़का- पैंरी के धुन म तोर होयें बइहा ओ
           पाछू पाछू तोर रेंगेव ओ टूरी
           मया तरी छइंहा ओ संगवारी।
           काये होगे मोला, तोला सुररथव
           दिन रथिया अउ पहतिया संगवारी ss
           कांसी फूलगे मंय ह झुमर जाहूं ,
           नरवा के खड़ झूलना झूले बर आहूं न।
लड़की- आरो ल पाके तोर सजथव मंय ह ग
           टिकली फुंदरी संग बेनी गथाके
           देखे बर निकलथव मोर राजा।
           काय होगे मोला, तोला सुररथव
           दिन रथिया अउ पहतिया संगवारी ss
           कांसी फूलगे तंय ह झुमर जाबे ,
           नरवा के खड़ झूलना झूले बर आबे न।
लड़का- कनिहां के करधन म मोला बांध ले
           सुख दुख के गठरी ल छोर
           सुग्घर बांछ लेबो मोर रानी।
           मया होगे मोला, तोला सुररथव।
           दिन रथिया अउ पहतिया संगवारी ss
           कांसी फूलगे हमन झुमर जाबो ,
           नरवा के खड़ झूलना म झूले बर आबो न।
लड़की- मया होगे मोला, तोला सुररथव
           दिन रथिया अउ पहतिया संगवारी ss
           कांसी फूलगे हमन झुमर जाबो ,
           नरवा के खड़ झूलना म झूले बर आबो न।
लड़का- मया होगे मोला, तोला सुररथव
           दिन रथिया अउ पहतिया संगवारी ss
           कांसी फूलगे हमन झुमर जाबो ,
           नरवा के खड़ झूलना म झूले बर आबो न।
दोनो -   कांसी फूलगे हमने झुमर जाबो ,
           नरवा के खड़ झुलना झूले बर आबो न ss -3
         



        गीतकार - तेरस कैवर्त्य (आँसू )
            सोनाडुला, (बिलाईगढ़)
        जिला - बलौदाबाजार (छ. ग.)
          मोबा. - 9165720460

Thursday, 26 October 2017

* झुमर ले झुमर ले *

Created by : Teras Kaiwartya (Aansu)
Date :27/05/2007    (करमा गीत)
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लड़का-  हो हइया हो हइया हो sss
            हइया हइया हइया हइया हो ss
            झुमर ले झुमर ले, घुमर रे घुमर ले
            झुमर ले झुमर ले, हे हेsss
            करमा के डार म तय आना। ये गोरी ss
            मोर संग मन ल मिलाना। - 2
लड़की- झुमर ले झुमर ले, घुमर ले घुमर ले
           झुमर ले झुमर ले, हे हेss
           करमा के डार म तय आना। ये छोरा
           मोर संग नैना लड़ाना - 2
लड़का- मया के दीया तंय बार देबे ओ
           अंतस म मोला तंय उतार लेबे ओ }-2
           मांदर के ताल घुमरे, मात के नाच किंदरे
           तरी-तरी करमा ल सुमर ले ss
           झुमर ले रे
           करमा के डार .....
           झुमर ले झुमर ले....
           करमा के डार म ....
           मोर संग मन ल ....
लड़का- हिरदे के बात तंय बता दे न ओ
           मोर नाम के मेंहदी तंय रचा ले न ओ}-2
           मड़वा म करमा के, होबे नइ सरमा के
           हरदी तेल तन म चुपर ले ss
           झुमर ले रे
           करमा के डार म...
           झुमर ले झुमर ले ...
           करमा के डार म ....
           मोर संग मन ल ....
लड़की- मया बांधे करमा म जोहार लेबे गा
           झिन छुटे संग मया ओगार लेबे गा  }-2
           आ न मोर गोठ सुनले, कले चुप सोज गुनले
           भर दे माँग सेंदुर मोर उमर ले sss
           झुमर ले ग
           करमा के डार ....
           झुमर ले झुमर ले...
           करमा के डार म ....
           मोर संग नैना .....
लड़का- झुमर ले झुमर ले, घुमर ले घुमर ले
           झुमर ले झुमर ले। हे हेsss
लड़की- करमा के डार .... मोर संग नैना .....
लड़का- करमा के डार .... मोर संग मन ......



        गीतकार - तेरस कैवर्त्य (आँसू )
           सोनाडुला, (बिलाईगढ़)
       जिला - बलौदाबाजार (छ.ग.)
          मो. - 9165720460

         


   
       


* नइ निहारे काबर ओ *

Created by:- Teras Kaiwartya(Aansu)
Date : 10/10/2017 (छत्तीसगढ़ी गीत)
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ल. - नइ निहारे काबर ओ निर्मोही !
       लहुट के चिटकन मोला नइ निहारे काबर न।
       नइ निमारे काबर ओ निर्मोही !
       गोटी माटी के संग ल नइ निमारे काबर न।
       गुरतुर बोली ठिठोली, खेले आँखी मुंदवली - 2
       मुसकाई के मंधरस ढ़ारे काबर ओ sss
       नइ निहारे काबर न ...
       नइ निहारे काबर ओ निर्मोही
       लहुट के चिटकन मोला नइ निहारे काबर न - 2
ल.-  नइ निहारे काबर गा जोही तंय !
       लहुट के चिटकन मोला नइ निहारे काबर न।
       नइ निमारे काबर गा जोही तंय !
       गोटी माटी के संग ल नइ निमारे काबर न।
       कइसे नजर लगाये, अइसे बान चलाये - 2
       तोला देखे बिना मन नइ भाये काबर न।
       नइ निहारे काबर न....
       नइ निहारे काबर ....
ल.- अंतस म मया के बिजहा, बोयें तंय मयारु मोर -2
      हांसी के पानी पलो के, करे तय चिन्हारी मोर - 2
      हरियर पीका उलहाये, फेर नइ तो सिरजाये -2
      बिरवां जगे जगाये ल मुरझाये काबर ओ sss
      नइ निहारे काबर न...
      नइ निमारे काबर ओ जोंही
      गोटी माटी के संग ल नइ निमारे काबर न - 2
ल.- चंदा कस तोर सुरतिया, आँखी हावय जोगनी मोर -2
      चमकत तोर सुघराई, राखे हावंव भीतरी मोर - 2
      कचरा मोला बनाके, निचट मुंह ओरमा के - 2
      बदरा म गंवा के मिंझारे काबर ओ sss
      नइ निमारे काबर न...
      नइ निहारे काबर ओ निर्मोही
      लहुट के चिटकन मोला नइ निहारे काबर न -2
ल.-उबुक चुबुक होके जीथव, जिन्गी भर तोर सुरता म-2
    जिया मोर चुरत रइथे, तोला नइ पाये के बिरथा म-2
    होगेंव मुरदा बरोबर, सुरता म तोरेच बर -2
    देखे बर नोहर कती लुकाये काबर ओ sss
    नइ निहारे काबर न...
    नइ निहारे काबर ओ निर्मोही
    लहुट के चिटकन मोला नइ निहारे काबर न -2
    नइ निमारे काबर ओ निर्मोही !
    गोटी माटी के संग ल नइ निमारे काबर न - 2
    लहुट के चिटकन मोला नइ निहारे काबर न...
    गोटी माटी के संग ल नइ निमारे काबर न...


     गीतकार - तेरस कैवर्त्य (आँसू )
         सोनाडुला, (बिलाईगढ़)
    जिला - बलौदाबाजार (छ.ग.)
      मो. - 9165720460



   



Tuesday, 12 September 2017

* क्या करें ? *

Created by :- Teras Kaiwartya (Aansu)
Date : 13/06/2017
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किसको फरियाद करें हम दर्दे दिल की हाये!
अपना गम लेकर कहीं और ना जाया जाये ।

अक्सर प्यार का मारा जाम को दवा बनाते हैं।
किस तरह जख्मों पर मरहम लगाया जाये ।

उजड़ गया बसता हुआ प्यारा सा आशियाना ।
खटकती रहती हैं जिंदगी कैसी सँवारी जाये ।

झूठी कसमें वादा झूठा दिलासा ऐसा क्यों दिया ।
बस दुख ही और न कुछ ऐसी न प्रेम पाला जाये।

न करो किसी से सलूक ऐसी काँटें की चुभन ।
सफर में हमसफर बन हंसी लम्हें बिताया जाये।

तिल तिल घूँट घूँट कर तन तिनका ना बना।
अपने झरते आँसूओं को कैसे संभाला जाये।

अब दिल की धड़कन में तड़पना कैसे छोड़कर ।
उमंग भरी नया दौर नया मोड़ कैसे लाया जाये ।

  स्वरचित :- तेरस कैवर्त्य (आँसू )
      सोनाडुला , (बिलाईगढ़)
  जिला - बलौदाबाजार (छ. ग.)
     मो.- 9165720460






Sunday, 20 August 2017

* स्वच्छ भारत अभियान *

Created by - Teras Kaiwartya (Aansu)
Date : 12/12/2016
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भारत के जन हित सजे , 
          सुख संगम बनाना है ।
गंगा यमुना जल की भाँति , 
          निर्मल धारा बहाना है ।
मेरा भारत स्वच्छ बनाना है ।
सारे जग से उँचा उठाना है ।

कसम है अपनी माता की ,
        दस पेड़ लगाओ भ्राता ।
जलन बुराई छोड़ हम सब ,
         कर लें जतन की नाता ।
जागरुकता की श्रम अर्पण से ।
मेरा भारत मस्त बनाना है ।
मेरा भारत स्वच्छ बनाना है ।
सारे जग से उँचा उठाना है ।

वृक्ष जड़ें धरा पर जकड़े ,
          होते नियंत्रण मृदा क्षरण ।
हरियाली छाती उपवन में ,
          करते हैं जो विश्व भरण ।
मुक्त हो जाये घिरे विपदा से ।
बूँद -बूँद जल बचाना है ।
मेरा भारत स्वच्छ बनाना है ।
यह फर्ज हमें निभाना है ।

कोख मे भी पलती बिटिया ,
          ये देख आश लगायें है ।
जीने की तमन्ना वतन में ,
          पर संकट से घबरायें है ।
हंसी से खिलती वह पढ़ेगी ।
शौचालय घर में बनाना है ।
मेरा भारत स्वच्छ बनाना है ।
सबको यह लक्ष्य अपनाना है ।

ना ढ़ेर करो कचरों का ,
          साफ रखें अपने आसपास ।
बनाकर गढ्ढे में ही डालें ,
          बनायें उन्नत जैविक खाद ।
उपाय ऐसे कर जीवन से ।
महामारी को भगाना है ।
मेरा भारत स्वच्छ बनाना है ।
सारे जग से उँचा उठाना है ।

इसी में जन्में हम सब प्राणी ,
          इस मिट्टी के सब खिलौने ।
इनको नही छेड़ो तोड़ो ,
          ना बने गमों के बिछौने ।
महके पुष्प सुखमय वादी ।
ऐसा गुलशन यहीं सजाना है ।
मेरा भारत स्वच्छ बनाना है ।
सारे जग से उँचा उठाना है ।

मेरा भारत स्वस्थ बनाना है ।
अंबर में तिरंगा फहराना है ।

    स्वरचित :- तेरस कैवर्त्य (आँसू )
       सोनाडुला , (बिलाईगढ़)
     जिला - बलौदाबाजार (छ. ग.)
      मो. - 9165720460,
              7770989795