हिन्द देश के बाग में, एक राज गुजरात।
करमचंद को वर मिला, बालक नन्हा तात।।1।।
अठरा सौ उनहतर के, रह अक्टूबर माह।
शुभ तिथि दो तारीख मेंं, खिला करम की चाह।।2।।
माता पुतली की लला, बचपन मोहन दास।
प्रथम परीक्षा कर चला, उच्च परीक्षा आस।।3।।
मोहन लौट विदेश से, बैरिस्टर कर पास।
सत्य अहिंसा राह चले, करे परम विश्वास।।4।।
बंद हुए भी जेल में, गोरे करे गुलाम।
भारत छोड़ो रट डटा, शांति नीति पर काम।।5।।
गाँधी सेना की दलें, खतम करे सब वाद।
छोड़ गोर जाना पड़ा, कर भारत आजाद।।6।।
गाँधी बापूजी बना, और महात्मा नाम।
राष्ट्रपिता अब सो गये, बोल बोल हे राम।।7।।
तेरस कैवर्त्य "आँसू"
सोनाडुला (बिलाईगढ़)
जिला - बलौदाबाजार (छ. ग.)
No comments:
Post a Comment