Friday, 9 October 2020

शोषण (दोहा छंद)

 बेटी की रक्षा करो, हे मानव संसार।

सदा इसे सम्मान दो, देवी का अवतार।।1।।


शान रही है देश की, देती क्यूँ बलिदान।

राम श्याम अब आ बचा, भारत माँ की आन।।2।।


रहे दुशासन आज भी, रावण छीनें लाज।

बाँहें उनके काट दो, बसा राम की राज।।3।।।


खून सनी फिर से धरा, लूट रहे हर बार।

आदि शक्ति अब तो कुदो, उठा खड़ग तलवार।।4।।


चमत्कार ऐसा करो, माँ कलियुग में लौट।

मौत सजा दे कर रहो, ढ़ोगी छुपे मुखौट।।5।।


तेरस कैवर्त्य "आँसू"

सोनाडुला (बिलाईगढ़)

जिला - बलौदाबाजार (छ. ग.)




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