Sunday, 13 June 2021
गजल (प्रेम अगन)
छत्तीसगढ़ी करमा गीत (हाय रे मोर उलुहा पान)
Saturday, 12 June 2021
मोह दारे मोर रानी
Friday, 8 January 2021
दोहा (शपथ))
शपथ करो तुम आज से, रख भारत की मान।
सदा तिरंगा सज रहे, जाये चाहे जान।।
जाप शपथ से ही करें, बोलो जय श्री राम।
मंदिर तो बन के रहे, बने स्वर्ग का धाम।।
पेड़ लगाओ दुख हरे, शपथ करो जन एक।
स्वच्छ रखो जल नभ जमीं, काम करो सब नेक।।
अनुज शपथ मन तन करो, नशा मुक्त रह आज।
नारी नर की तन बसे, रखो धरा की लाज।।
मातु पिता पग पग बसे, बनते सुख के धाम।
भरे अग्नि देवा शपथ, सदा सुहागन दान।।
स्वरचित - तेरस कैवर्त्य "आँसू" सोनाडुला
Friday, 9 October 2020
शोषण (दोहा छंद)
बेटी की रक्षा करो, हे मानव संसार।
सदा इसे सम्मान दो, देवी का अवतार।।1।।
शान रही है देश की, देती क्यूँ बलिदान।
राम श्याम अब आ बचा, भारत माँ की आन।।2।।
रहे दुशासन आज भी, रावण छीनें लाज।
बाँहें उनके काट दो, बसा राम की राज।।3।।।
खून सनी फिर से धरा, लूट रहे हर बार।
आदि शक्ति अब तो कुदो, उठा खड़ग तलवार।।4।।
चमत्कार ऐसा करो, माँ कलियुग में लौट।
मौत सजा दे कर रहो, ढ़ोगी छुपे मुखौट।।5।।
तेरस कैवर्त्य "आँसू"
सोनाडुला (बिलाईगढ़)
जिला - बलौदाबाजार (छ. ग.)
रोला छंद (बाबुल)
(1)
मेरा बाबुल रोज, गोद ले लोरी गाता।
मीठे - मीठे बोल, कहानी खूब सुनाता।
पूरा कर अरमान, ज्ञान की बगिया बोंंये।
करके कन्या दान, नयन से नीर भिगोये।
(2)
बाबुल प्यारे आप, मुझे लिख पढ़ा सिखाया।
बड़े प्रेम के साथ, चाँद सी रूप सजाया।
लगी एक मैं बेल, बाग की आँगन तेरा।
सुना सुना कर मेल, पिया घर संग सबेरा।
तेरस कैवर्त्य "आँसू"
सोनाडुला (बिलाईगढ़)
जिला - बलौदाबाजार (छ. ग.)
मनहरण घनाक्षरी (नारी)
नारी जब हँस खुश, फूल झरे मन भीत,
जब कही रूठ गयी, आँखें तो दिखाती है।
नारी है घर की लक्ष्मी, बनी नर की अर्धांग,
चूल्हा चौका कर वही, भोजन खिलाती है।
मन मे रच कविता, जोड़ी राम और सीता,
अपने नसीब मिले, गोरी है या काली है।
कुछ तो है पढ़ी लिखी, कहती है आप बीती,
जैसी हो करीब रहे, खूद घरवाली है।
जिस पर प्रेम लगे, रात दिन खूब जगे,
पिया की झलक एक, पाने को लुभाती है।
भूखे प्यासे व्रत करे, पति की लंबी उमर,
नारी को वंदन करूँ, सच्ची दिलवाली है।
कभी बेटी कभी बहू, बन जाती कहीं सास,
घर छोड़ती अपना, सभी को रुलाती है।
सहन टुटते जभी, बढ़ते है अत्याचार,
देवी शक्ति बन ठान, त्रिशूल उठाती है।
तेरस कैवर्त्य "आँसू"
सोनाडुला (बिलाईगढ़)
जिला - सारंगढ - बिलाईगढ़ (छ. ग.)